मैं चाहता नहीं की चाहूं किसी को !

जिस्म की रवा पे, क्यों मरते है सब यहां।
क्या प्यार, जिस्म से ही करते हैं सब यहां।
मैं चाहता नहीं की चाहूं किसी को !
मेरे चाह की कोशिश को,
जिस्म फ़रोशी समझते हैं सब यहां।।

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